🗓️ 7 दिवसीय ग्रह पंचांग • 2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026

साप्ताहिक ग्रह गोचर (Weekly Gochar)

आगामी 7 दिनों में होने वाले प्रमुख ग्रहों के राशि परिवर्तन, नक्षत्र संचरण और वक्री-अस्त स्थितियों का विस्तृत वैदिक विवरण।

🌟

इस सप्ताह के मुख्य गोचर और खगोलीय प्रभाव

🌟 इस सप्ताह के मुख्य गोचर और खगोलीय प्रभाव (02 नवंबर से 08 नवंबर 2026):

• प्रमुख ग्रह परिवर्तन: 6 नवंबर को वक्री शुक्र अपनी स्वराशि तुला से नीच राशि कन्या में प्रवेश करेंगे, जिससे संबंधों और रचनात्मक कार्यों में विशेष सावधानी की आवश्यकता होगी।

• साप्ताहिक चंद्र संचरण: चंद्रमा 2 नवंबर को कर्क में, 3-4 नवंबर को सिंह में, 5-6 नवंबर को कन्या में तथा 7-8 नवंबर को तुला में गोचर करेंगे, जहाँ 8 नवंबर को वे सूर्य के सान्निध्य में अस्त (अमावस्या) रहेंगे।

• वक्री एवं अस्त ग्रह प्रभाव: मीन में वक्री शनि, तुला में वक्री व अस्त बुध और कर्क में नीचस्थ मंगल के कारण संवाद में स्पष्टता, संयम और आवेश से बचने की सलाह दी जाती है।

• सप्ताह की शुभ दिशा व रणनीति: किसी भी बड़े निवेश में जल्दबाजी न करें, पारिवारिक सामंजस्य बनाए रखें और ध्यान-साधना द्वारा मानसिक शांति सुनिश्चित करें।

प्रमुख ग्रह परिवर्तन: 2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026

7 दिवसीय अवलोकन
Jupiter (गुरु)

बृहस्पति (गुरु)

2 से 8 नवंबर तक: सिंह राशि में।

Ketu (केतु)

केतु

2 से 8 नवंबर तक: सिंह राशि में।

Mars (मंगल)

मंगल

2 से 8 नवंबर तक: कर्क राशि में।

Mercury (बुध)

बुध

2 से 8 नवंबर तक: तुला राशि में (वक्री) (अस्त/दहन)।

Moon (चन्द्र)

चंद्रमा

* 2 नवंबर: कर्क राशि में , 3 - 4 नवंबर: सिंह राशि में प्रवेश , 5 - 6 नवंबर: कन्या राशि में प्रवेश , 7 नवंबर: तुला राशि में , 8 नवंबर: तुला राशि में

Rahu (राहु)

राहु

2 से 8 नवंबर तक: कुंभ राशि में।

Saturn (शनि)

शनि

2 से 8 नवंबर तक: मीन राशि में (वक्री)।

Sun (सूर्य)

सूर्य

2 से 8 नवंबर तक: तुला राशि में।

Venus (शुक्र)

शुक्र

* 2 से 5 नवंबर तक: तुला राशि में (वक्री) , 6 से 8 नवंबर तक: कन्या राशि में (वक्री)

जानें कि यह साप्ताहिक गोचर आपकी चालू महादशा और अंतर्दशा को किस प्रकार सक्रिय करेगा।

साप्ताहिक कुंडली विश्लेषण →

साप्ताहिक गोचर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न. साप्ताहिक ग्रह गोचर (2 नवंबर 2026 से 8 नवंबर 2026) का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?

साप्ताहिक गोचर पूरे 7 दिनों के ग्रह चक्र, विशेषकर सूर्य का राशि परिवर्तन (संक्रांति), बुध व शुक्र की चाल तथा चंद्रमा के 3-4 राशियों में भ्रमण का वृहद दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिससे पूरे सप्ताह की कार्ययोजना बनाई जा सकती है।

प्रश्न. इस सप्ताह ग्रहों के राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

जब भी कोई ग्रह सप्ताह के मध्य में नई राशि में प्रवेश करता है, तो वह प्रत्येक लग्न के भावों में बदलाव लाता है। उदाहरण के लिए दशम भाव में गोचर करियर को गति देता है, जबकि एकादश भाव में गोचर लाभ के नए अवसर प्रदान करता है।