🗓️ 7 दिवसीय ग्रह पंचांग • 28 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026

साप्ताहिक ग्रह गोचर (Weekly Gochar)

आगामी 7 दिनों में होने वाले प्रमुख ग्रहों के राशि परिवर्तन, नक्षत्र संचरण और वक्री-अस्त स्थितियों का विस्तृत वैदिक विवरण।

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इस सप्ताह के मुख्य गोचर और खगोलीय प्रभाव

🌟 इस सप्ताह के मुख्य गोचर और खगोलीय प्रभाव (28 सितंबर 2026 से 04 अक्टूबर 2026):

• प्रमुख ग्रह परिवर्तन: कर्क राशि में उच्च के बृहस्पति और नीच के मंगल की युति से नीचभंग राजयोग का निर्माण हो रहा है। सूर्य कन्या राशि में तथा बुध एवं शुक्र तुला राशि में गोचर कर रहे हैं।

• साप्ताहिक चंद्र संचरण: सप्ताह के आरंभ में चंद्रमा मेष राशि में (28-29 सितंबर), मध्य में अपनी उच्च राशि वृषभ में (30 सितंबर-01 अक्टूबर) और सप्ताहांत में मिथुन राशि में (02-04 अक्टूबर) रहेंगे।

• वक्री एवं अस्त ग्रह प्रभाव: शनिदेव मीन राशि में वक्री अवस्था में हैं, वहीं 03 अक्टूबर से शुक्र अपनी स्वराशि तुला में वक्री होकर रिश्तों व कलात्मक कार्यों के पुनर्मूल्यांकन का संदेश देंगे।

• सप्ताह की शुभ दिशा व रणनीति: किसी भी विवाद में कूटनीति, धैर्य और विवेक का परिचय दें तथा बड़े आर्थिक निर्णयों में जल्दबाजी से बचें।

प्रमुख ग्रह परिवर्तन: 28 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026

7 दिवसीय अवलोकन
Jupiter (गुरु)

बृहस्पति (गुरु)

28 से 4 सितंबर तक: कर्क राशि में।

Ketu (केतु)

केतु

28 से 4 सितंबर तक: सिंह राशि में।

Mars (मंगल)

मंगल

28 से 4 सितंबर तक: कर्क राशि में।

Mercury (बुध)

बुध

28 से 4 सितंबर तक: तुला राशि में।

Moon (चन्द्र)

चंद्रमा

* 28 - 29 सितंबर: मेष राशि में प्रवेश , 30 - 1 सितंबर: वृषभ राशि में प्रवेश , 2 - 4 अक्टूबर: मिथुन राशि में प्रवेश

Rahu (राहु)

राहु

28 से 4 सितंबर तक: कुंभ राशि में।

Saturn (शनि)

शनि

28 से 4 सितंबर तक: मीन राशि में (वक्री)।

Sun (सूर्य)

सूर्य

28 से 4 सितंबर तक: कन्या राशि में।

Venus (शुक्र)

शुक्र

* 28 से 2 सितंबर तक: तुला राशि में , 3 से 4 अक्टूबर तक: तुला राशि में (वक्री)

जानें कि यह साप्ताहिक गोचर आपकी चालू महादशा और अंतर्दशा को किस प्रकार सक्रिय करेगा।

साप्ताहिक कुंडली विश्लेषण →

साप्ताहिक गोचर से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न. साप्ताहिक ग्रह गोचर (28 सितंबर 2026 से 4 अक्टूबर 2026) का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?

साप्ताहिक गोचर पूरे 7 दिनों के ग्रह चक्र, विशेषकर सूर्य का राशि परिवर्तन (संक्रांति), बुध व शुक्र की चाल तथा चंद्रमा के 3-4 राशियों में भ्रमण का वृहद दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिससे पूरे सप्ताह की कार्ययोजना बनाई जा सकती है।

प्रश्न. इस सप्ताह ग्रहों के राशि परिवर्तन का सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

जब भी कोई ग्रह सप्ताह के मध्य में नई राशि में प्रवेश करता है, तो वह प्रत्येक लग्न के भावों में बदलाव लाता है। उदाहरण के लिए दशम भाव में गोचर करियर को गति देता है, जबकि एकादश भाव में गोचर लाभ के नए अवसर प्रदान करता है।